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जानिए प्रशांत महासागर के बारे में

हेलो दोस्तों कैसे है आप सभी हम उम्मीद करते है की आप सभी सेफ होंगे आज हम इस पोस्ट के माद्यम से आपको ये बताने जा रहे है की दुनिया का सबसे बड़ा महासागर prashant mahasagar के बारे में ! इस पोस्ट के जरिये हम आपको prashant  mahasagar की लम्बाई चौड़ाई और इसके क्षेत्रफल आदि के बारे में भी आपको बतायेगे चलिए जानते है 

Prashant Mahasagar

जैसे की आप सभी को पता है की धरती पर कुल 70 प्रतिशत पानी है और आप सभी ये भी जानते होंगे की हमारी अपनी धरती पर कुल 5 विशाल महासागर है जिनके नाम है दक्षिणी महासागर, हिन्द महासागर, प्रशांत महासागर, आर्कटिक महासागर, अटलांटिक महासागर।

और आपको जानकर ये हैरानी होगी को धरती के महासागरों में जितना पानी है उसका तक़रीबन  46 प्रतिशत पानी प्रशांत महासागर में है क्यों दंग रह गए ना आप ये सुनकर सोचो प्रशांत महासागर में कितना पानी होगा जो धरती का सभी महासागर से 46 प्रतिशत अधिक पानी रखता है और इसमें कितना पानी होगा मेरी तो सोच ही खत्म हो जाती है वैसे आपको पता तो होगा ही प्रशांत महासागर अपनी धरती का सबसे बड़ा महासागर है। 

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क्षेत्रफल 

अब तक आपको ये पता चल गया ही होगा की prashant mahasagar दुनिया का सबसे बड़ा महासागर है और दुनिया में सबसे ज्यादा पानी इसी महासागर में है चलिए अब जानते  है की prashant mahasagar की लम्बाई,चौड़ाई तथा क्षेत्रफल कितना है 

prashant mahasagar की लम्बाई -कुल लम्बाई 10,491 mile

prashant mahasagar  की चौड़ाई- कुल चौड़ाई 9,422 mile 

prashant mahasagar का क्षेत्रफल - कुल  क्षेत्रफल 6,36,34,000 square mile

प्रशांत महासागर, विश्व का सबसे बड़ा महासागर है, जो कि अमेरिका और एशिया को पृथक करता  है। प्रशांत महासागर, उत्तर में आर्किटक महासागर, दक्षिण में  दक्षिण महासागर के पश्चिम एशिया और ऑस्ट्रेलिया और पूर्व में अमेरिका से घिरा हुआ है। इसका क्षेत्रफल 6,36,34,000 square mile , अर्थात् अटलांटिक महासागर के दुगुने से भी अधिक है। यह फ़िलिपीन्स तट से लेकर पनामा 9,422 mile चौड़ा तथा बेरिंग जलडमरूमध्य से लेकर दक्षिण ऐंटार्कटिका तक 10,492 लंबा है। प्रशान्त महासागर औसत गहराई लगभग 14,000 फ़ुट है तथा अधिकतम गहराई लगभग 35,400 फ़ुट है

आकृति 

प्रशान्त महासागर की आकृति त्रिभुजकार है। इसका शीर्ष बेरिंग जलडमरूमध्य पर है, जो घोड़े के खुर की आकृति का है इसके अलावा दुनिया के सबसे विशाल महासागर की यह विशेषता है कि इस महासागर की सतह मुख्य रुप से कई बड़ी-बड़ी लंबी खाइयों से भरी पड़ी है, जिसमें मरियाना ट्रेंच मुख्य है। इस प्रशांत महासागर के किनारे पर विश्व की सबसे  लंबी नदियां गिरती हैं। मुख्य द्वीप प्रशान्त महासागर के पश्चिमी किनारे से होकर कैमचैटका प्रायद्वीप के उत्तर और आस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व की ओर फैले हुए हैं। ये हिंदेशिया के वृत्तखंड से जुड़ जाते हैं। भूविज्ञानियो ने इस बात का पता लगाना चाहा कि इस महासागर का निर्माण प्रारंभ में कैसे हुआ, लेकिन वे कोई भी सर्वमान्य सिद्धांत न निकाल पाए।

धरातल व गहराई

प्रशान्त महासागर का धरातल प्राय: समतल है। सुविधा की दृष्टि से इसे पूर्वी और पश्चिमी दो भागों में बाँटा जा सकता है। पूर्वी भाग द्वीपरहित तथा अमरीका के उपांत भाग में है। इसका अधिकतर भाग eighteen thousand फ़ुट गहरा है। इसकी अधिकतर गहराई कम से कम thirteen,thousand फ़ुट है, तथा जिसको एल्बेट्रॉस पठार कहते थे। दक्षिणी अमरीका के पश्चिमी भाग में स्थित है। इस चबूतरे की अन्य शाखाएँ उत्तर की ओर रियातट तथा पश्चिम में टूआमोटू, द्वीपसमूह, मारकेसस द्वीप तथा दक्षिण में ऐंटार्कटिका तक फैली हैं। इस सागर की सतह मुख्यतया पश्चिम में कई बड़ी-बड़ी लंबी खाइयों से भरी पड़ी है। कुछ महत्त्वपूर्ण खाइयों के नाम तथा गहराइयाँ इस प्रकार हैं-

ट्यूसीअरोरा - 32644 feet

रंपा - 34,626 feet

नैरो - 32,107 feet

एल्ड्रिच - 30,990 feet आदि।

काम की बात 

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